राजसमंद त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के उद्देश्य से राजसमंद में पुलिस ने विशेष कदम उठाए हैं। महानिदेशक पुलिस राजस्थान के निर्देश पर चलाए जा रहे शक्ति सुरक्षा अभियान के तहत नवरात्रि के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। एसपी हेमंत कलाल, एएसपी महेंद्र पारीक और राजसमंद डीएसपी नेत्रपालसिंह सहित राजनगर और कांकरोली थानाधिकारियों ने पुलिस बल के साथ जिला मुख्यालय पर फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान गरबा और डांडिया आयोजन स्थलों तथा पांडालों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। आयोजकों को प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष ध्यान देने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने, भीड़ प्रबंधन सुधारने और सीसीटीवी कैमरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों को सक्रिय रहने तथा सादे वस्त्रों में निगरानी रखकर छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, आमजन से सहयोग की अपील : फ्लैग मार्च के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का पूरा विश्वास दिलाया गया है और शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छेड़छाड़, दुर्व्यवहार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत और तत्परता से कार्रवाई करेगी। आम नागरिकों की सुविधा और त्वरित सहायता के लिए जिला पुलिस ने संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या समस्या की सूचना जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 02952-220712 या जिला पुलिस व्हाट्सएप नंबर 8764854100 पर दी जा सकती है। इसके अलावा किसी भी आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए सीधे 112 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला मुख्यालय के अलावा जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में भी नवरात्रि आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संबंधित वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों को आयोजकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों को निर्देशित किया कि वे सुरक्षा स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम करें, प्रवेश के समय उचित जांच सुनिश्चित करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रमुख आयोजन स्थलों पर महिला सहायता व्यवस्था और पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी प्रदर्शित करने पर जोर दिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी महिलाओं और बालिकाओं की आवाजाही सुरक्षित रहे। प्रवेश-निकास मार्गों, पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों में पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।