बूंदी जिले के डाबी गांव स्थित बंजारा मोहल्ले में पिछले 5 साल से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क पर पानी जमा होने से स्थानीय निवासी परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। समस्या के समाधान में देरी का मुख्य कारण ग्राम पंचायत और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस है। ग्राम पंचायत का कहना है कि सड़क का निर्माण PWD ने कराया था, इसलिए नाली और जल निकासी की व्यवस्था भी उसी की जिम्मेदारी है। लोग हो रहे परेशान वहीं PWD अधिकारियों का तर्क है कि पूर्व विधायक अशोक डोगरा के बजट से केवल सड़क का निर्माण किया गया था। आबादी क्षेत्र में नाली निर्माण और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। ढलान और जल निकासी का नहीं रखा ध्यान मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सड़क निर्माण के समय ढलान और जल निकासी का उचित ध्यान नहीं रखा गया। सड़क दोनों ओर से ऊंची होने के कारण बारिश का पानी बीच में जमा हो जाता है और कई दिनों तक नहीं निकल पाता, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग स्थानीय महिलाओं जिनमें संजना बाई, कंकू बाई, मेवा बाई, कविता बाई और सुगा बाई शामिल हैं, ने राजनीतिक उपेक्षा का आरोप लगाया है। शिवकरण, नेनूराम, चांदमल, घनश्याम, रघुवीर, राजू और मुकेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। आंदोलन की चेतावनी दी ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से तत्काल संज्ञान लेने, पंचायत और PWD की संयुक्त बैठक बुलाने, जल निकासी का प्रस्ताव तैयार करने और स्थायी नाली निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।