दौसा में बिजली विभाग के एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) कर्मचारी की करंट लगने से मौत के मामले में करीब 10 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। परिजनों ने मुआवजा व नौकरी समेत कई मांगों को लेकर पहले जिला अस्पताल की मोर्चरी के सामने धरना प्रदर्शन किया। जहां सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने लालसोट रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने कई बार समझाइश करते हुए मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। मौके पर पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय भंडाना, युवा गुर्जर महासभा जिलाध्यक्ष मक्खन डोई, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विजेंद्र पीपलकी, करतार माल समेत समाज के लोग मांगे पूरी नहीं होने तक धरना प्रदर्शन पर अड़े रहे। जिसके चलते लालसोट रोड पर वाहनों की आवाजाही थम गई। पुलिस द्वारा गुप्तेश्वर दरवाजा, लालसोट बाईपास और जिला अस्पताल के पीछे से वाहनों को डायवर्ट किया गया। कई दौर की वार्ता के बाद सहमति दोपहर को एडीएम अरविन्द शर्मा, एएसपी शंकर लाल मीणा, एसडीएम संजू मीणा, तहसीलदार रश्मि शर्मा, बिजली विभाग के एक्सईएन हरिओम मीना, डीएसपी धर्मेंद्र शर्मा, सदर थाना इंचार्ज युधिष्ठिर गुर्जर, भाजपा नेता लोकेश शर्मा, शहर अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिला महामंत्री विपिन जैन व कंपनी प्रतिनिधि की परिजनों के साथ हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनी। जिसमें मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख तथा संवेदक की ओर से 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। यह था घटनाक्रम दरअसल, मंगलवार देर शाम सदर थाना क्षेत्र के रलावता गांव में भांडारेज फीडर पर बिजली लाइन दुरुस्त करते वक्त बिजली विभाग के एफआरटी कर्मचारी अवतार सिंह गुर्जर (35) करंट की चपेट में आ गए। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया था।