अजमेर रोड पर मंगलवार सुबह 8:43 बजे हुए हादसे में सबसे दर्दनाक मंजर यह था कि कैलाशी देवी अपनी आंखों के सामने पति और तीनों बेटों को तड़पते हुए देखती रही, लेकिन दोनों पैर कुचल जाने से उठ भी नहीं पाई। वह चीखती रही... लोगों से मदद की गुहार लगाती रही और कुछ ही पलों में बेहोश हो गई। पीछे उसकी पूरी गृहस्थी उजड़ गई। पति चंद्रप्रकाश और तीनों बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह हादसा अजमेर रोड पर 200 फीट चौराहे के पास हुआ। जिस ट्रेलर ने परिवार को कुचला, उसे महज 3 किमी आगे भांकरोटा में पीओपी खाली करनी थी। बीकानेर से पीओपी लेकर आ रहा ट्रेलर ब्रिज से उतरते ही स्लिप लेन के पास अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बैठे परिवार को रौंदता हुआ निकल गया। 20 फीट तक खून और मांस के टुकड़े बिखर गए। बच्चों की चप्पलें, आलू, गुब्बारे फुलाने का पंप और घर का सामान सड़क व पानी निकासी नाले के पास बिखर गया। नाले में बच्चों की चप्पलें और सामान तैरता मिला। लोगों ने परिवार का सामान समेटकर एक ओर रखा, जिसमें आधा कट्टा आटा भी था। हादसे के बाद अजमेर हाईवे पर दोपहर करीब 11:30 बजे तक यातायात रेंगता रहा। पास के होटल के सीसीटीवी कैमरे में हादसे की पूरी तस्वीर कैद हो गई। 36 मिनट का अंतिम सफर... हमसफर ही नहीं रहे परिवार को 10 लाख की मदद, जांच को कमेटी बनी एडीएम साउथ युगांतर शर्मा ने बताया कि परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायल महिला का इलाज मां योजना में निशुल्क हो रहा है। घटना की जांच के लिए प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, परिवहन विभाग के अधिकारियों की कमेटी गठित की है। 50 मीटर और आगे होता तो मैं भी नहीं बचता : ऑटो चालक मैं 200 फीट बाईपास की ओर से सेज की ओर हाईवे पर चढ़ने वाला था। 50 मीटर आगे यह हादसा देखा तो गाड़ी के ब्रेक अपने आप लग गए। मैं कुछ सेकंड पहले वहां पहुंचता तो मेरी कार भी चपेट में आ जाती। मैं एक घंटे तक कार चलाने की हालत में नहीं था। - शिवकुमार, हादसे का प्रत्यक्षदर्शी टैक्सी चालक हादसे के बाद भाई-भतीजों के क्षत- विक्षत शव देख सहमे मीठालाल हादसे की सूचना पर चंद्रप्रकाश के बड़े भाई मीठालाल शाम को राजसमंद से जयपुर पहुंचे। बहू कैलाशी को देखा और बच्चों के लिए पूछा तो रिश्तेदार मोर्चरी ले गए। भाई व बच्चों के क्षत-विक्षत शव देखते ही मीठालाल सहम गए और रोने लगे। शाम को पोस्टमॉर्टम करवाकर देर रात परिजन चारों शव लेकर गांव ले गए। कैलाशी से मिलने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पहुंचे। एक माह पहले दो बड़े बेटों को दादा के पास छोड़ आए थे चंद्रप्रकाश, बच गई उनकी जान...