डीडवाना-कुचामन जिले में 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आए। 22 से अधिक विभागों की 90 से ज्यादा सेवाएं गांवों में ही उपलब्ध कराई गईं, जिससे 7 हजार से अधिक पट्टों का वितरण हुआ और नामांतरण, आपसी विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री तथा रिकॉर्ड शुद्धिकरण समेत हजारों वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। एक ही स्थान पर मिली 90 से अधिक सरकारी सेवाएं जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने बताया कि शिविरों का उद्देश्य प्रशासन को आमजन तक पहुंचाकर वर्षों से लंबित कार्यों का त्वरित समाधान करना था। शिविरों में 22 से अधिक विभागों की 90 से ज्यादा सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। 7 हजार से ज्यादा पट्टों का वितरण शिविरों के दौरान 7,000 से अधिक पट्टे वितरित किए गए। इनमें घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदाय के 79 परिवारों को भी पट्टे प्रदान किए गए, जिससे उन्हें भूमि अधिकार का लाभ मिला। हजारों राजस्व प्रकरणों का हुआ निस्तारण शिविरों में 3,190 नामांतरण (म्यूटेशन), 595 सीमा ज्ञान, 2,243 आपसी विभाजन, 2,759 फार्मर रजिस्ट्री और 2,900 से अधिक रिकॉर्ड शुद्धिकरण के मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा 5,000 से अधिक विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 294 नए रास्तों का निर्धारण किया गया। पीएम आवास सहित कई योजनाओं का मिला लाभ करीब 3,000 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की विभिन्न किश्तों का लाभ मिला। साथ ही पात्र लोगों को आयुष्मान भारत योजना, पालनहार योजना और विभिन्न कृषि योजनाओं से भी जोड़ा गया। जनप्रतिनिधि बोले- गांव तक पहुंचा प्रशासन जनप्रतिनिधि जितेंद्र सिंह जोधा ने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों की सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई गईं। इससे लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने की पहल को सफल बताया। ग्रामीणों ने बताया बड़ी राहत शिविरों से लाभान्वित ग्रामीणों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, भूमि नामांतरण, पट्टे, पेंशन सत्यापन, फार्मर रजिस्ट्री और रिकॉर्ड शुद्धिकरण जैसे कई कार्य एक ही दिन में पूरे हो गए। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित काम गांव में ही होने से समय और धन दोनों की बचत हुई तथा सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली।