चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से बिना अनुमति अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं, राजस्थान ने डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पत्र जारी कर 5 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है। जारी आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरण, आदेशों की प्रतीक्षा या पीजी पूर्ण करने के बाद पदस्थापित कई चिकित्सक लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। इसे उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और राजकार्य के प्रति लापरवाही माना गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुपस्थित चिकित्सकों की सूची के आधार पर उनकी वर्तमान स्थिति, की गई कार्रवाई और आवश्यक अनुशासनात्मक प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि एक साल से ज्यादा समय से स्वेच्छा से अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ सीसीए नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव अलग-अलग तैयार किए जाएं। यदि किसी डॉक्टर ने कार्यग्रहण कर लिया है, तो उसकी रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से भेजना अनिवार्य होगा। पीजी के बाद सेवा नहीं देने वाले डॉक्टरों से बंध-पत्र राशि वसूली के निर्देश भी दिए गए हैं। 1 डॉक्टर ने 5 साल पहले दे दिया सेवा से त्यागपत्र निदेशालय द्वारा भेजी गई सूची में डीग जिले के 3 डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। इनमें घाटा पीएचसी के डॉ. सौरभ जैन (16 जून 2022 से अनुपस्थित), नगर के डॉ. राज शर्मा (4 मार्च 2021 से अनुपस्थित) और डॉ. अलका विजय (6 सितंबर 2020 से अनुपस्थित) शामिल हैं। सीएमएचओ डॉ. विजय सिंघल ने बताया कि डॉ. सौरभ जैन और डॉ. राज शर्मा के संबंध में विभाग को कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। वहीं नगर में पदस्थापित डॉ. अलका विजय ने 4 मार्च 2021 को सेवा से त्यागपत्र दे दिया था, जिसकी सूचना निदेशालय को भेज दी गई है।