डीग में ब्रज सरस्वती शिक्षा समिति कामवन ने सरस्वती शिक्षा केंद्र संचालक व केंद्र समिति का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज में व्याप्त गरीबी, निरक्षरता और जातीयता जैसी समस्याओं को दूर करने और संस्कारवान समाज के निर्माण पर जोर दिया। सेवा क्षेत्र के अखिल भारतीय संयोजक रामस्वरूप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हजारों वर्षों की पराधीनता के कारण समाज में गरीबी, निरक्षरता और जातीयता व अस्पृश्यता जैसी समस्याएं घर कर गई हैं। उन्होंने सेवा को इन समस्याओं से मुक्ति का मार्ग बताया और कहा कि संपूर्ण सामाजिक परिवर्तन ही सरस्वती शिक्षा समिति का लक्ष्य है। विद्या भारती संस्थान जयपुर के मंत्री डॉ. बृजमोहन वर्मा ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के पास दिव्य दृष्टि है, जिससे उसे भारत माता में भगवान के दर्शन होते हैं। उन्होंने समाज से जाति, वर्ग और उच्च-नीच के भेद को समाप्त कर एकता व भाईचारा स्थापित करने का आह्वान किया। डॉ. वर्मा ने परिवारों को संस्कार का केंद्र मानते हुए उनमें नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने अन्न देवता का सम्मान करने, बिजली बचाने और दैनिक जीवन में पॉलिथीन का उपयोग न करने जैसे बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार ने कहा कि हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना चाहिए। विद्या भारती संस्थान जयपुर के प्रांत निरीक्षक अरुण कुमार दुबे ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रभावी संस्कार केंद्रों से ही संस्कारवान युवा पीढ़ी का निर्माण होता है। इस अवसर पर ब्रज सरस्वती शिक्षा समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार खंडेलवाल, व्यवस्थापक सचिन कुमार गोयल, कोषाध्यक्ष गोपाल सिंह नरूका, गोपीचंद एडवोकेट, प्रदीप पवार, वकील सिंह, करतार सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बच्चू सिंह राजपूत ने किया।