डीग पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना शकील को गिरफ्तार कर लिया है। शकील पर 'मिट्टी' को 'सोना' बताकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वह करीब 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है और अब तक 10 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। शकील खुद को जेसीबी ऑपरेटर बताता था और लोगों को यह लालच देता था कि खुदाई के दौरान उसे 'प्राचीन सोने की ईंटें' मिली हैं। वह सस्ते में सोना खरीदने के बहाने अमीर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उसके शिकार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के धनी लोग होते थे, जो उसकी बातों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते थे। पिछले एक दशक से शकील पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था और राजस्थान सहित कई राज्यों में सक्रिय था। छठी कक्षा में फेल होने के बावजूद, शकील ने ठगी के धंधे में महारत हासिल कर ली थी। ठगी की काली कमाई से उसने ग्राम भंडारा में 1 करोड़ रुपये की आलीशान कोठी बनवाई थी। इसके अलावा, अलवर में बेशकीमती जमीन के प्लॉट और गांव में लाखों का लग्जरी सैलून भी उसकी संपत्ति में शामिल हैं। डीग एसपी शरण गोपीनाथ की विशेष रणनीति के तहत जुरहरा पुलिस ने इस महाठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से देशभर में आतंक का पर्याय बने इस गैंग की कमर टूट गई है। एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि डीग जिला अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है। पुलिस अब शकील के बैंक खातों और अन्य बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी से मेवात क्षेत्र के अन्य ठगों में हड़कंप मच गया है।