राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने डीग जिले के पहाड़ी कस्बे में शनिवार शाम को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत एक प्रतिष्ठान से मिलावट की आशंका पर 1600 लीटर लीची फ्लेवर रेडी-टू-सर्व फ्रूट ड्रिंक जब्त किया गया। वहीं, एक डेयरी से दूध का नमूना लिया गया और साफ-सफाई में कमियां मिलने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। डेयरी से मिक्स दूध का सैम्पल जांच के लिए लिया खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, जिला कलक्टर मयंक मनीष और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल के निर्देशों पर की गई। निरीक्षण के दौरान अल्फाक मिल्क डेयरी का जायजा लिया गया, जहां मिक्स दूध का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। डेयरी परिसर में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। डेयरी संचालक को निर्धारित समय में व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद टीम ने मेसर्स मायरा ट्रेडिंग कंपनी का निरीक्षण किया। यहां रेडी-टू-सर्व लीची फ्रूट ड्रिंक के दो नमूने लिए गए। उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण मौके पर ही लगभग 1600 लीटर लीची फ्रूट ड्रिंक को जब्त कर लिया गया, ताकि जांच पूरी होने तक उसका वितरण या बिक्री नहीं हो सके। कार्रवाई के दौरान लिए गए कुल तीन खाद्य नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, भरतपुर भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।