साइबर ठगों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में डीग पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों के पहचान दस्तावेजों और अंगूठे का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति के नाम पर दो सिम जारी करवाते थे। इनमें से एक सिम संबंधित व्यक्ति को देकर दूसरी अपने पास रखते और बाद में साइबर ठगों को बेच देते थे। मामले में पहले ही 34 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन काउंटरडाउन के तहत पुलिस अधीक्षक डी. शरण गोपीनाथ के निर्देशन में की गई। फिरोजाबाद और अलवर से पकड़े आरोपी पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित मोहन (26), निवासी एका, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) और वसीम अकरम (24), निवासी सालपुर, अलवर के रूप में हुई है। पुलिस ने ललित मोहन को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया, जबकि वसीम अकरम को अलवर में आमोली टोल के पास से पकड़ा गया। एक नाम पर दो सिम, दूसरी ठगों को बेचने का आरोप जांच में सामने आया कि आरोपी एयरटेल और वीआई कंपनी की सिम जारी करने की प्रक्रिया का कथित तौर पर दुरुपयोग करते थे। वे एक व्यक्ति के नाम पर दो सिम जारी करवाते थे। इनमें से एक सिम संबंधित व्यक्ति को दे देते, जबकि दूसरी अपने पास रखकर बाद में साइबर ठगों को बेच देते थे। पुलिस के अनुसार, इस काम में लोगों के पहचान दस्तावेजों और अंगूठे का इस्तेमाल किया जाता था। 700 से 900 रुपए में खरीदकर 2500 रुपए तक में बेचता था पुलिस के अनुसार, वसीम अकरम पर करीब 250 फर्जी सिम कार्ड दूसरे लोगों के नाम पर बेचने का आरोप है। वह कथित तौर पर एक सिम 700 से 900 रुपए में खरीदता था और साइबर ठगों को 1500 से 2500 रुपए में बेच देता था। इस तरह फर्जी सिम के जरिए साइबर अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों तक सिम पहुंचाने का नेटवर्क संचालित किए जाने की आशंका है। 34 सिम पहले बरामद, नेटवर्क की जांच जारी पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पहले 34 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। इन सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी में किए जाने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सिम जारी कराने, उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाने और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। BNS और IT एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस ने संबंधित मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।