भरतपुर जिले के छोकरवाड़ा के रहने वाले विजय सिंह एक्स सर्विसमैन कोटा से 14वीं रैंक हासिल की है। विजय सिंह इससे पहले नेवी में तैनात थे। 11 अप्रैल को ही विजय सिंह के पिता का निधन हुआ था। उनके पिता का सपना था कि वह RAS अधिकारी बने। वहीं डीग जिले के सीकरी कस्बे की रहने वाली साक्षी जैन ने RAS में 658वीं रैंक हासिल की है। रिजल्ट आने से 7 दिन पहले पिता का निधन विजय सिंह ने बताया की उनके पिता का सपना था की वह RAS अधिकारी बने लेकिन, रिजल्ट आने से पहले उनका निधन हो गया। 11 अप्रैल को विजय सिंह के पिता महाराज सिंह का बिमारी की वजह से निधन हुआ। इससे पहले विजय सिंह नेवी में नौकरी करते थे। साल 2007 में विजय सिंह का नेवी में ऑफिसर के पद पर सेलेक्शन हुआ था। दूसरे अटेम्प्ट में मिली सफलता विजय सिंह ने साल 2016 में नौकरी में रहते हुए ग्रेजुएशन कि और, साल 2023 में RAS का पहला अटेम्प्ट दिया। उसमें विजय सिंह का मेन्स क्लियर नहीं हो पाया। उसके बाद फिर से विजय सिंह ने 2024 में तैयारी कि और एक्स सर्विसमैन कोटे से 14वीं रैंक लाकर सफलता हासिल की। UPSC नहीं कर पाई क्लियर साक्षी जैन के पिता कमल जैन ने बताया कि साक्षी शुरू से ही पढ़ने में काफी होशियार थीं। उनकी 12वीं क्लास में 90.40 प्रतिशत अंक आये थे। साक्षी का सपना था कि वह एक IAS अधिकारी बने। साल 2023 में साक्षी ने UPSC की तैयारी कि लेकिन, वह सेलेक्ट नहीं हो पाई। दूसरे अटेम्प्ट में RAS किया क्लियर साल 2023 में ही उन्होंने RAS की तैयारी भी की थी लेकिन, वह मेन्स में रह गई। साल 2024 में फिर से उन्होंने RAS की तैयारी कि और दूसरे अटेम्प्ट में उन्हें सफलता मिली। साक्षी के सेलेक्ट होने के बाद उनके घर में ख़ुशी का माहौल है। पिता का सपना किया पूरा साक्षी के पिता की सीकरी कस्बे में ही दुकान है। जिसे पर साक्षी का छोटा भाई समयित भी संभालता है। साक्षी एक छोटी बहन भी है। छोटी बहन स्नेहा घर पर ही रहती है। कमल जैन ने बताया की वह उनके परिवार में पहली RAS अधिकारी बनी है। वह शुरू से चाहते थे कि मेरी बेटी कोई बड़ी अधिकारी बने।