डीग जिले में टीबी मरीजों और संभावित रोगियों को अब एक्स-रे जांच के लिए लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने जिले को दो अल्ट्रा पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई हैं, जिनकी मदद से कुछ ही मिनटों में फेफड़ों की स्क्रीनिंग की जा सकेगी। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) से शुरू हुए 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में गांव-गांव शिविर लगाकर जांच और उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। टीबी मुक्त भारत अभियान को डीग में मिली रफ्तार “जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान” थीम पर चल रहे विशेष अभियान के तहत डीग जिले में क्षय रोग मुक्त बनाने के प्रयास तेज हो गए हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल ने बताया कि नई मशीनों से संभावित टीबी रोगियों की जल्द पहचान संभव होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा। अब गांव-गांव पहुंचेगी एक्स-रे जांच सुविधा इन आधुनिक मशीनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौके पर ही स्क्रीनिंग की जा सकेगी। खंड कुम्हेर और कामाँ में पहले ही शिविर लगाकर जांच की जा चुकी है, जबकि डीग में शनिवार से टीबी स्क्रीनिंग एवं जांच शिविर शुरू कर दिए गए हैं। 33 गांव और वार्ड हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामावतार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय क्षय अनुभाग, नई दिल्ली द्वारा डीग खंड के 33 गांवों और शहरी वार्डों को उच्च जोखिम श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों की जांच की जाएगी। CSR और केंद्र सरकार से मिली मशीनें जिला कार्यक्रम समन्वयक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिले को मिली दो मशीनों में से एक इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत उपलब्ध कराई है, जबकि दूसरी मशीन केंद्रीय क्षय अनुभाग, नई दिल्ली से मिली है। 3 जून तक चलेगा विशेष अभियान अभियान के तहत 2 मई से गांव अऊ (खंड डीग) के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में शिविर शुरू किया गया है, जो 3 जून तक पूरे खंड में संचालित होगा। यदि एक्स-रे रिपोर्ट में टीबी की संभावना सामने आती है, तो मरीजों को पुष्टि जांच के लिए नजदीकी सीबीनाट या ट्रूनेट जांच केंद्र पर रेफर किया जाएगा। एक ही शिविर में कई स्वास्थ्य जांचें इन शिविरों में केवल टीबी ही नहीं, बल्कि बीपी, शुगर, एनीमिया और SPO2 जैसी अन्य महत्वपूर्ण जांचें भी की जा रही हैं। इससे लोगों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। नई तकनीक से टीबी मुक्त डीग की ओर कदम मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक तकनीक के सहारे डीग जिला टीबी मुक्त भारत अभियान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे समय पर जांच, शीघ्र उपचार और जनजागरूकता बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।