बाड़मेर में 48 डिग्री के टॉर्चर के बीच रामसर तहसील के सियाणी गांव में मंगलवार को पानी के लिए ग्रामीणों का सब्र टूट गया। जलदाय विभाग की अनदेखी से नाराज दर्जनों महिलाएं और ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए। प्रदर्शन का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि महिलाएं अपने साथ चूल्हा, बर्तन और राशन का सामान भी टंकी पर लेकर चढ़ी और प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक पानी नहीं मिलेगा तब तक नीचे नहीं उतरेंगे। इसके बाद भाजपा नेता स्वरूपसिंह के प्रयासों से पानी का टैंकर उपलब्ध करवाया गया। जिसके बाद विरोध-प्रदर्शन समाप्त हुआ। सियाणी और आसपास के गांवों में पिछले लंबे समय से जलापूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले जलदाय विभाग के दफ्तर के बाहर मटकी फोड़कर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया। गर्मी के कारण ढाणियों में पशु प्यास से दम तोड़ रहे हैं। प्रशासन की इसी अनदेखी से तंग आकर मंगलवार की सुबह करीब 10.30 बजे ग्रामीण सीधे टंकी पर चढ़े और प्रदर्शन शुरू कर दिया। राशन सामान, बिस्तर लेकर चढ़े, बोले पानी नहीं तब तक यहीं सोएंगे टंकी पर चढ़ी महिलाएं व ग्रामीण आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि वे अब आश्वासनों से नीचे नहीं उतरेगी। महिलाएं अपने साथ आटा, दाल, मसाले और पानी (पीने के लिए) लेकर टंकी के ऊपर चढ़ गई। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि जब तक नलों में पानी नहीं आएगा, तब तक हमारी रसोई इसी टंकी पर चलेगी। हम घर नहीं जाएंगे, चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न पड़े। इसके बाद रामसर थाना पुलिस, तहसीलदार और जलदाय विभाग के आला अधिकारी सियाणी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने नीचे से मेगाफोन के जरिए महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि पहले सप्लाई चालू करो, फिर बात होगी। भीषण गर्मी में तबीयत बिगड़ने का भी खतरा था, ऐसे में प्रशासन ने तत्काल पानी टैंकर मंगवाया। इसके बाद सभी ग्रामीण बर्तनों में पानी लेकर गए और धरना-प्रदर्शन समाप्त किया। टैंकर से सप्लाई के बाद शांत ग्रामीण पानी की सप्लाई की मांग पर उतरे ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द पानी की सप्लाई करने की मांग की। इसके साथ ही तुरंत प्रभाव से टेंकर से पानी की आपूर्ति करवाई जाए। जिस पर जलदाय विभाग के अधिकारियों ने तुरंत पानी के टैंकरों से आपूर्ति करवाने पर पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं और प्रदर्शनकारी नीचे उतर गए।