भास्कर न्यूज | टोंक टोंक एसपी रोशन मीणा ने ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बार फिर बड़ा चाबुक चलाया है। एसपी ने देवली थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर, एएसआई हनुमान सिंह, कांस्टेबल करतार और जीतराम को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। देवली थाने का अस्थाई कार्यभार फिलहाल एसआई महावीर प्रसाद को सौंपा गया है। पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई के विस्तृत कारणों को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला हाल ही में सामने आए एक साइबर ठगी प्रकरण में कथित अनियमितताओं और गंभीर लापरवाही से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, देवली पुलिस ने सवाई माधोपुर के एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया था, जिसमें पहले ही चार गिरफ्तारियां हो चुकी थीं। मुख्य आरोपी के साथ दो अन्य संदिग्धों को भी थाने लाया गया था, जिन पर महज शांतिभंग की मामूली कार्रवाई की गई। छूटने के बाद इन दोनों व्यक्तियों ने उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश होकर देवली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्राथमिक जांच के आधार पर एसपी ने यह सख्त कदम उठाया है। जांच अधिकारी बदले: अब नासिरदा थानाधिकारी करेंगे इनवेस्टीगेशन : कार्रवाई के साथ ही एसपी ने इस विवादित साइबर ठगी मामले के अनुसंधान अधिकारी (IO) को भी बदल दिया है। पहले इस केस की जांच तत्कालीन थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर कर रहे थे। उनके लाइन हाजिर होने के बाद मंगलवार को इस संवेदनशील प्रकरण की कमान नासिरदा थानाधिकारी नेकी राम को सौंप दी गई है। एसपी रोशन मीणा के कार्यकाल में बीते एक महीने में यह तीसरी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई है। अवैध बजरी खनन से लेकर काम में ढिलाई के आरोपों के चलते इस साल जनवरी 2026 से अब तक कुल 20 पुलिस अधिकारियों और जवानों पर गाज गिर चुकी है, जिससे पूरे महकमे में खलबली मची है।