कोटा संभाग में गेहूं खरीद को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पूर्व मंत्री और कोटा उत्तर से विधायक शांति धारीवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए खरीद व्यवस्था को पूरी तरह फेल बताया है। उन्होंने कहा- 187 खरीद केंद्र होने के बावजूद कई केंद्र बंद पड़े हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। धारीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 6 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय तो किया, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं। एमएसपी का सिर्फ दिखावा हो रहा है, असल में किसान को उसका हक नहीं मिल रहा। उनके मुताबिक, खरीद केंद्र बंद होने के कारण किसान मजबूरन व्यापारियों को कम दामों पर गेहूं बेच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि किसानों को प्रति ट्रॉली 15 से 20 हजार रुपए तक का नुकसान हो रहा है। सरकारी खरीद में देरी के चलते कई किसान साहूकारों के पास जाने को मजबूर हैं और अपनी उपज औने-पौने दामों में बेच रहे हैं। आंदोलन की चेतावनी धारीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोटा ग्रामीण के कई इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि खरीद केंद्र शुरू ही नहीं हुए हैं। अगर जल्द ही सभी केंद्र चालू नहीं किए गए और एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित नहीं हुई तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेमौसम बारिश से फसल खराब होने के बावजूद किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही कोई राहत। डबल इंजन सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीन पर खोखले साबित हो रहे हैं। धारीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शुरू से ही गेहूं खरीद को लेकर साफ नहीं थी और अब हालात देखकर यह स्पष्ट भी हो रहा है। सरकार खरीद नहीं, सिर्फ दिखावा कर रही है और इसका खामियाजा किसान भुगत रहा है।