धौलपुर ने अपना 44वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर शहर में प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें जिले के समृद्ध इतिहास, संघर्ष और वर्तमान विकास की स्थिति पर प्रकाश डाला गया। चंबल के बीहड़ों और डकैतों के लिए जाना जाने वाला धौलपुर अब विकास की राह पर अग्रसर है। धौलपुर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। बौद्ध काल से लेकर मौर्य और चौहान शासकों तक यह क्षेत्र कई राजवंशों का साक्षी रहा है। मान्यता है कि राजा धोलन देव तोमर ने लगभग 700 ईस्वी में इस नगर की स्थापना की थी, जो बाद में धवलपुरी से धौलपुर बना। चंबल नदी से घिरा यह इलाका अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट-बीहड़ों, ऊंचे-नीचे टीलों और लाल बलुआ पत्थर की पहाड़ियों के कारण एक अलग पहचान रखता है। एक समय था जब धौलपुर का नाम डकैतों के कारण भय का पर्याय बन गया था। हालांकि, समय के साथ आत्मसमर्पण और पुलिस की सख्त कार्रवाई से स्थिति में सुधार आया है। अब क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। समाजसेवी धनेश जैन ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया है। 15 अप्रैल 1982 को बना राज्य का 27वां जिला आजादी के बाद धौलपुर पहले भरतपुर जिले का हिस्सा था। एक लंबे आंदोलन के बाद 15 अप्रैल 1982 को इसे राजस्थान का 27वां जिला घोषित किया गया। तभी से यह दिन हर साल स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। उद्योग स्थापित हों तो मिले रोजगार जिला बनने के बाद से सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विकास की गति अब भी अपेक्षित नहीं है। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं को अक्सर बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय युवा रोहित का कहना है कि यदि यहां उद्योग स्थापित हों तो रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कई इलाकों में पेयजल संकट आज भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर होने के बावजूद पर्यटन का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उत्साह और उमंग के साथ मनाया स्थापना दिवस जिले का 44वां स्थापना दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कचहरी परिसर में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रभात फेरी शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। इसमें स्कूली बच्चों, होमगार्ड, आरएसी जवानों और विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया। पूरे शहर में देशभक्ति के नारों के साथ उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।