धौलपुर के राजकीय पशु चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पर घायल गोवंश के इलाज में गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें करीब 2 घंटे तक एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर के पास भेजा जाता रहा, लेकिन घायल नंदी का समय पर इलाज शुरू नहीं हो सका। बजरंग दल कार्यकर्ता भानु शर्मा ने बताया कि वे गौसेवा के उद्देश्य से गंभीर रूप से घायल गोवंश को तत्काल इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर मौजूद चिकित्सकों और कर्मचारियों ने तुरंत मदद नहीं की। उन्हें एक-दूसरे के पास भेजते रहे, जिससे घायल पशु को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई। घायल पशुओं के इलाज में अक्सर देरी का आरोप शर्मा ने यह भी कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुभव के अनुसार अस्पताल में घायल गोवंश और अन्य पशुओं को लाने वाले लोगों को अक्सर ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार घायल पशु घंटों तक उपचार के इंतजार में रहते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो जाता है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे सड़क हादसों और अन्य घटनाओं में घायल गोवंश का रेस्क्यू कर अस्पताल तक पहुंचाते हैं। हालांकि उन्हें सहयोग के बजाय उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण इलाज में अनावश्यक देरी होती है। व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी घटना के समय अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देखा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिले के सबसे बड़े पशु चिकित्सालय की यही स्थिति बनी रही, तो घायल पशुओं को समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो बजरंग दल अस्पताल के बाहर आंदोलन करेगा। बजरंग दल ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, जिससे घायल पशुओं का तत्काल उपचार शुरू हो सके।