धौलपुर में शारदीय नवरात्र खत्म होने के बाद बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन चंबल नदी किनारे तय जगहों पर किया गया। भक्तों ने पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा को विदाई दी। उन्होंने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। चंबल नदी में तेज बहाव और पहले हुए हादसों को देखते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। भक्तों को गहरे पानी में जाने से रोका गया और तय गड्ढों में ही विसर्जन करने को कहा गया। नदी के पास भीड़ को कंट्रोल करने और भक्तों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर थी। पुलिस व्यवस्था देख रहे कोतवाल रामकिशन यादव ने बताया कि चंबल नदी राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य का हिस्सा है। इसलिए विसर्जन के दौरान नदी के जीवों और पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों, केमिकल वाले रंगों और दूसरी चीजों से पानी गंदा होने का खतरा रहता है। प्रशासन ने मिट्टी की मूर्तियां इस्तेमाल करने और विसर्जन के बाद पूजा का सामान नदी में नहीं डालने की अपील की।