धौलपुर में साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं और स्टाफ को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सोशल मीडिया सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया। इसमें अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने, निजी जानकारी साझा नहीं करने और मजबूत पासवर्ड के साथ टू-स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। छात्रों को टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी जॉब ऑफर, ट्रेडिंग ऐप और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने को कहा गया। ऐप डाउनलोड करने को लेकर दी सलाह पुलिस ने बताया कि संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हो सकता है। इसलिए, सिर्फ आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई। फर्जी बैंक अधिकारी बनकर KYC अपडेट के नाम पर OTP, कार्ड नंबर और UPI पिन मांगने वाले साइबर अपराधों से बचने के तरीके भी बताए गए। इसके अलावा, फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट, लॉटरी और गिफ्ट स्कीम, फिशिंग ई-मेल व लिंक, फर्जी लोन ऐप और फर्जी निवेश योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस ने AnyDesk, QuickSupport और UltraViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए डिवाइस का कंट्रोल साइबर ठगों तक पहुंचने की आशंका से भी सावधान किया। निवेश के लिए RBI और SEBI से रजिस्टर्ड वेबसाइटों और ऐप का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के आखिर में विद्यार्थियों और स्टाफ को बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।