जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मंगलवार को दो महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित कीं। इनमें जिला जेल का निरीक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) योजना पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन शामिल है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार और जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव रेखा यादव ने जिला कारागृह धौलपुर का मासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रिज़न लीगल एड क्लिनिक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। रेखा यादव ने नालसा द्वारा जारी एसओपी के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने बंदियों से उनके मामलों, जमानत, अपील और पेशी से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने जेल में रहन-सहन, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं सहित मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान बंदियों को नालसा स्पृहा योजना 2025 के बारे में विस्तार से बताया गया। यह योजना जेल में बंद विचाराधीन कैदियों और उनके परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के तहत बंदियों को मुफ्त अधिवक्ता और कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर सहयोग दिया जाता है। मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर समस्या राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित मानव-वन्यजीव संघर्ष 2025 के तहत एडीआर परिसर धौलपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता सचिव रेखा यादव ने की। रेखा यादव ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसके समाधान के लिए प्रशासन, वन विभाग और आमजन के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से प्रभावित लोगों को मुआवजा, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधा दी जाती है। प्रतिभागियों को टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला के हिस्से के रूप में प्रतिभागियों को वन विहार अभयारण्य का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, उनकी गतिविधियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराया गया।