धौलपुर पुलिस ने शनिवार को पुलिस लाइन में "महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर केंद्रित संपर्क सभा, जागरूकता संवाद और महिला बीट अधिकारियों की बैठकें हुईं। कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने किया, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने इसका पर्यवेक्षण किया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में आयोजित संपर्क सभा से हुई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (त्वरित अनुसंधान प्रकोष्ठ) गिर्राज प्रसाद मीणा, वृत्ताधिकारी कृष्ण राज जांगिड और साइबर थाना उप पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार सहित जिले के विभिन्न थानों के अधिकारी, महिला पुलिसकर्मी और पुलिस जवान उपस्थित रहे। सभा में जेंडर सेंसिटाइजेशन, राजकॉप ऐप के प्रभावी उपयोग, महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशील तथा पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही, शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और महिला सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इसके उपरांत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षकों और छात्राओं के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला हेल्पलाइन, आपातकालीन सहायता, महिला अधिकारों और नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं के हितों से जुड़े प्रावधानों पर जानकारी दी गई। छात्राओं से किसी भी घटना की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने सभी महिला बीट अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने महिला सुरक्षा योजनाओं की नियमित निगरानी, बीट क्षेत्रों में प्रभावी गश्त, महिलाओं से निरंतर संवाद, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जन-जागरूकता गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण धौलपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि धौलपुर पुलिस संवेदनशील, उत्तरदायी और जनहितैषी पुलिसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।