जिस व्यक्ति के नाम जमीन थी, उसकी मौत हो चुकी थी, लेकिन वही व्यक्ति रजिस्ट्री कराने पहुंच गया। बीकानेर के खाजूवाला उप रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन रजिस्ट्री के दौरान ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया। जांच में पता चला कि रजिस्ट्री कराने पहुंचा शख्स जमीन का असली मालिक नहीं है, बल्कि फर्जी व्यक्ति था। असली मालिक की तो मौत हो चुकी थी। तहसीलदार ने फर्जीवाड़ा पकड़ा और पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम जमीन के दो बैनामे रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए तहसीलदार हरीश कुमार टाक ने बताया - 27 जुलाई को चक 6 बीजीएम स्थित जमीन के दो बैनामे रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए थे। इन दस्तावेजों में दानाराम पुत्र गिरधारीराम को जमीन का विक्रेता और वेदप्रकाश पुत्र सूजाराम को खरीदार बताया गया था। रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान असली दानाराम के वारिसों ने आपत्ति दर्ज कराई। वारिसों की आपत्ति के बाद जांच शुरू हुई, फर्जी निकले दस्तावेज वारिसों ने बताया कि तहसील कार्यालय में मौजूद व्यक्ति असली दानाराम नहीं है, क्योंकि वास्तविक जमीन मालिक दानाराम की पहले ही मौत हो चुकी है। आपत्ति मिलने के बाद पूरे मामले पर शक हुआ और दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि पेश किए गए आधार कार्ड और पैन कार्ड भी फर्जी थे। पूछताछ में खुलासा, चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज पूछताछ में फर्जी दानाराम ने बताया कि वह दानाराम पुत्र गिरधारीराम नहीं, बल्कि दानाराम पुत्र भींवाराम निवासी सोनपालसर, सरदारशहर है। उसने बताया कि उसे राऊराम पुत्र सूजाराम और अन्नाराम पुत्र मांगीलाल तहसील कार्यालय लेकर आए थे। उसके नाम पर कोई जमीन भी नहीं है। जांच और पूछताछ के बाद खाजूवाला में 27 जुलाई रात करीब 9 बजे दानाराम पुत्र भींवाराम, राऊराम, अन्नाराम और वेदप्रकाश के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई कोहरसिंह को सौंपी गई है। कंटेंट : दलीप नोखवाल, खाजूवाला