धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में शाला संबलन एप के जरिए निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। संगठन का आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं, जिससे स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने मांग की है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। संगठन ने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा करें और एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस दौरान जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन पदाधिकारियों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की।