राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वार्षिक एक्शन प्लान के तहत सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना के सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महावीर सिंह चारण ने जिला कारागृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। सचिव महावीर सिंह चारण ने जेल परिसर की स्वच्छता, बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और चिकित्सा सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं में लापरवाही न बरतने और पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। बंदियों से सुनी समस्याएं निरीक्षण के दौरान सचिव ने विशेष रूप से पहली बार जेल आए बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों को बताया कि निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करना उनका अधिकार है, जिसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर संभव सहायता उपलब्ध कराता है। सचिव ने जेलर को निर्देश दिए कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उनके आवेदन तुरंत तैयार कर संबंधित न्यायालय या प्राधिकरण को भेजे जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें समय पर मुफ्त कानूनी सहायता मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल कार्यालय, डीडवाना से डिप्टी चीफ हरफूल राव, रोहिणी, असिस्टेंट आरती सिखवाल और निजी सहायक रविन्द्र सिंह भी मौजूद रहे। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, ताकि न्याय प्रक्रिया तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।