राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की संविदा आधारित आयुष अधिकारी भर्ती-2025 विवादों में आ गई है। 1535 पदों की भर्ती में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी का एक पेपर हुआ, लेकिन मुख्य कोर्स के सवाल अलग-अलग थे। अब इनकी मेरिट कॉमन बनाई जा रही है। इससे होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों ने नुकसान का आरोप लगाया है। दरअसल, बोर्ड ने आयुष अधिकारी भर्ती के नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट नहीं किया था कि तीनों पद्धतियों के अलग-अलग कितने पद हैं। प्रारंभिक परिणाम 10 अप्रैल को जारी हुआ। इसमें पदों के मुकाबले दोगुना यानी करीब 3070 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए पात्र घोषित किया गया। होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों का आरोप है कि इनमें करीब 2900 अभ्यर्थी केवल आयुर्वेद से हैं। होम्योपैथी डेवलपमेंट एसोसिएशन; 40:40:20 के अनुपात में तय होने चाहिए पद पेपर एक, लेकिन 90 सवाल अलग-अलग अभ्यर्थी: भर्ती में एक पेपर था, लेकिन विषय के 90 सवाल अलग-अलग थे। आयुर्वेद वालों ने आयुर्वेद, होम्योपैथी वालों ने होम्योपैथी और यूनानी वालों ने यूनानी के सवाल हल किए। मेरिट अलग-अलग बननी थी। कॉमन मेरिट से आयुर्वेद अभ्यर्थी ऊपर आ गए व होम्योपैथी-यूनानी वाले बाहर हो रहे हैं। सवाल डिलीट होने से और बिगड़ा गणित सवाल डिलीट होने से मेरिट पर असर पड़ा। नियमानुसार डिलीट सवाल के अंक बाकी सवालों में बांटे जाते हैं। आयुर्वेद में 6, होम्योपैथी में 3 व यूनानी में 2 सवाल डिलीट हुए। आयुर्वेद में 1 सवाल का वेटेज 3.10 अंक, होम्योपैथी में 3.06 व यूनानी में 3.04 हो गया। ऐसे में आयुर्वेद वालों को फायदा। 2016 भर्ती की तर्ज पर अनुपात में पद बांटे होम्योपैथी डेवलपमेंट एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मीणा ने कहा कि कॉमन मेरिट बनाना गलत है। हम कोर्ट जाएंगे। पदों का वर्गीकरण पद्धति वार किया जाए और मेरिट भी अलग बने। 2016 की तर्ज पर या आयुर्वेद 40%, होम्योपैथी 40% व यूनानी 20% के अनुपात में पद तय हो। भास्कर इनसाइट- आयुर्वेद के सबसे ज्यादा सवाल डिलीट, वेटेज बढ़ा पेपर पैटर्न पद वर्गीकरण के नियम नहीं बताए, इसलिए कॉमन मेरिट "चिकित्सा विभाग से हमें जो अभ्यर्थना मिली थी, उसके नियमों के आधार पर ही भर्ती की जा रही है। उन्होंने पदों के वर्गीकरण को लेकर कोई नियम नहीं बताए, इसलिए कॉमन मेरिट बनाई जाएगी।" -आलोक राज, अध्यक्ष, कर्मचारी चयन बोर्ड