डीग जिले के कामां में घर में खेल रहे मासूम बच्चों पर कच्ची रसोई की दीवार गिर गई। दोनों घर पर अकेले थे। परिवार करीब 500 मीटर दूर पशुओं के बाड़े में था। दोनों करीब 30 मिनट तक मलबे एक मासूम ने कामां के हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। दूसरे को भरतपुर हॉस्पिटल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे लेवड़ा गांव में हुई। बिना नींव के बनाई गई थी दीवार बच्चों के पिता साहिल ने बताया कि हादसे में उनकी बेटी जिनस्ता (5) और बेटे रानीश (4) की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि वे पत्नी अरफीना और बेटी अनाया के साथ पशुओं को चारा डालने गया था। धूप तेज थी इसलिए उसने दोनों छोटे बच्चों को वापस घर भेज दिया था। दोनों आंगन में खेल रहे थे। इस दौरान कच्ची रसोई की दीवार उन पर गिर गई। घर पहुंचे तो दोनों बच्चे दर्द से रो रहे थे साहित ने बताया कि पशुओं के बाड़े में जाने के करीब आधा घंटे बाद बाहर शोर होने लगा। पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत घर जाने के लिए कहा। घर में दोनों बच्चे ईंट-पत्थरों में दबे मिले। उनके सिर व शरीर के दूसरे हिस्सों में बुरी तरह चोट लगी थी। दोनों जोर-जोर से रो रहे थे। उन्हें दोनों को बाहर निकालकर कामां के हॉस्पिटल ले गए। हॉस्पिटल में रानिश को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हालत में जनीस्ता को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। बिना नींव के खड़ी की थी दीवार साहिल ने बताया कि रसोई की दीवार ईंट-मिट्टी की चिनाई से तैयार की गई थी। रसोई के ऊपर छाया के लिए सीमेंट की चादर डाली हुई थी। दीवार खड़ी करने से पहले नींव की ठीक से खुदाई कर निर्माण नहीं किया गया था। कमजोर दीवारों होने से ढांचा भरभराकर गिर गया और दोनों मासूम उसकी चपेट में आ गए। एएसआई रविंद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार रजनी यादव ने अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को समझाया, लेकिन वे बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव घर ले गए। …. राजस्थान में बच्चों की मौत से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… उल्टी हुई, दौरे पड़े और दम तोड़ दिया:18 घंटे में 2 चचेरी बहनों की मौत; बीमार बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया सलूंबर जिले में 18 घंटे के भीतर 2 चचेरी बहनों की मौत हो गई। दोनों बच्चियों को अचानक उल्टी की शिकायत हुई, फिर उन्हें तेज दौरे पड़ने लगे। पूरी खबर पढ़िए…