भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्थानीय रेन बसेरा के पीछे शत्रुंजय नगर स्थित जिरावला पार्श्वनाथ जिनालय में शनिवार को श्रावक जगदीशचन्द पड़ाइया के तत्वावधान में सामूहिक सामयिक हुई। सामयिक लाभार्थी कपिल मालू ने बताया कि जिरावला पाश्र्वनाथ सामयिक मण्डल ने शनिवार दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक पारसमल लक्ष्मणदास मालू रामसर वाले बाड़मेर की द्वितीय पुण्यतिथि पर सामूहिक सामयिक का आयोजन किया। इसमें 60 आराधकों ने भाग लिया। सामयिक मण्डल के जगदीश पड़ाइया ने सामयिक के महत्व पर विवेचन किया। जीवन में समता, समभाव के विकास की बात कही। आत्मा के कल्याण से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया। उन्होंने विधि-विधान से सभी आराधकों को सामयिक करवाई। कार्यक्रम के समापन पर संघ प्रभावना का लाभ हऊआदेवी पारसमल मालू परिवार ने लिया। अंत में जगदीश पड़ाइया ने कहा कि सामयिक करने से दिवंगत आत्मा को मोक्षगति प्राप्त होती है। सामयिक के दौरान हऊआ देवी, मटकों देवी, शांति देवी, लूणी देवी, सीमा, विमला, टीना, ईशिका, जमना, पिंकी, युवान मालू, कपिल मालू, माडूदेवी, देवीबाई सहित कई महिलाएं उपस्थित रही। बाड़मेर. कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग। बालोतरा | शहर के न्यू तेरापंथ भवन में शनिवार को अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल ने गणगौर उत्सव कार्यक्रम किया। शुरुआत सामूहिक नमस्कार महामंत्र से हुई। प्रेरणा गीत पर युवती बहनों ने मंगलाचरण किया। अध्यक्ष चंचल भंडारी ने समागत बहनों का स्वागत किया। मंत्री रेखा श्रीश्रीमाल ने बताया कि गणगौर भगवान शिव गण और माता पार्वती गौरी के मिलन का प्रतीक है। यह अखंड सौभाग्य का भी प्रतीक है। त्योहार का भाव शिव और पार्वती के पवित्र बंधन का सम्मान करना है। विवाह, भक्ति, चिरस्थायी सहजीवन के विचार भी इसमें दिखते हैं। सभी बहनें पारंपरिक लाल चुनरी पहनकर पहुंचीं। सज-धज कर आईं। मेहंदी रचाई। बुजुर्ग और युवा नारी शक्ति ने ईशर और गवर के जीवन पर आधारित प्रसंग गीतों से पेश किए। कुंडली गुण मिलान से लेकर शादी तक के प्रसंग दिखाए गए। बहनों ने आधुनिकता और परंपरा का कांसेप्ट भी प्रस्तुत किया। आकर्षक वेशभूषा में प्रथम निर्मला सालेचा रहीं। द्वितीय इशिका भंडारी रहीं। मेहंदी डिजाइन में प्रथम पुष्पा सालेचा रहीं। द्वितीय ऋषिका चौपड़ा रहीं। पूर्व अध्यक्ष निर्मला संकलेचा और अयोध्या देवी ओस्तवाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। जिन बहनों ने पंच परमेष्ठी की छः गीतिकाएं कंठस्थ कीं।