भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में शुक्रवार शाम डीईओ शफब अंजुम की मौजूदगी में हाई प्रोफाइल ड्रामा सामने आया। दफ्तर में शुक्रवार शाम कथित तौर पर निजी स्कूलों से कुछ लोग अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद एडीईओ दलसिंह अमलियार ने आरोप लगाया कि इन लोगों में शामिल एक महिला ने उनसे अभद्रता की। मारपीट करने, कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। एडीईओ ने आरोप लगाया, निजी स्कूल संचालकों को आरटीई प्रभारियों ने बुलवाया था। मैं कान्फ्रेंस हॉल में था तब कुछ लोग आए और मान्यता में लेन-देन की बात को लेकर विवाद करने लगे। वे मुझ पर आरोप लगा रहे थे कि मैंने बोला है कि प्रभारी ने निजी स्कूल संचालकों से पैसे लिए। इस दौरान एक महिला ने मुझसे अभद्रता की। शर्ट पकड़ने, कपड़े फाड़ने, मारपीट करने का प्रयास किया। उनमें से मैं किसी को नहीं पहचानता, शनिवार सुबह मामला दर्ज कराऊंगा। सूत्रों की मानें तो पूरे घटनाक्रम के पीछे कार्यालय के आरटीई प्रकोष्ठ की भूमिका रही है। इनमें एक कार्मिक दफ्तर में कार्यरत है, दूसरा छोटी सरवन ब्लॉक में शिक्षक है। इस बात की पुष्टि एडीईओ ने भी की। सामने आया कि पूरा घटनाक्रम वित्तीय लेन-देन को लेकर हुआ। आरटीई प्रभारी तक ऐसी बात पहुंची थी कि एडीईओ ने डीईओ से कहा कि आरटीई प्रभारी ने कुछ निजी स्कूलों की मान्यता और आरटीई मामलों में पैसे लिए हैं। इसी बात को स्पष्ट करवाने के लिए आरटीई प्रभारियों ने निजी स्कूल संचालकों को बुलाया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार शहर के एक निजी स्कूल की मान्यता को लेकर एडीईओ ने कुछ दिन पूर्व सवाल उठाए थे। प्रभारी से पूछा था कि उक्त स्कूल को दिए गए नोटिस का जवाब नहीं आया, आपने क्या कार्रवाई की? इसे लेकर प्रभारी में नाराजगी थी। विभाग पर सवाल : सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं निकलवाए? तत्काल पुलिस क्यों नहीं बुलाई? केस दर्ज कराने के लिए दूसरे दिन का इंतजार क्यों? उच्चाधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी? एडीईओ छह माह से कार्यरत हैं, एक भी निजी स्कूल संचालक को पहचान नहीं पा रहे? डीईओ शफब अंजुम का कहना है, 30-40 निजी स्कूल संचालक आए तो थे। उन्होंने एडीईओ से बात भी की लेकिन मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। पैसों के लेन-देन की कोई बात थी। आरटीई प्रभारी ने पैसे नहीं लेने की पुष्टि के लिए बुलवाया था। तकनीकी कारणों ने सीसीटीवी फुटेज निकाले नहीं जा सके हैं। हालांकि सीडीईओ जयदीप पुरोहित का कहना है कि निजी स्कूल संचालकों की एडीईओ से कहासुनी हुई थी। दूसरी ओर, गैर सरकारी शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष तरुण त्रिवेदी ने कहा, घटनाक्रम निंदनीय है।