आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन को राहत प्रदान करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा की पहल पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर भंवर लाल जनागल ने ग्रीष्मकाल में पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक सघन सर्वेक्षण के आदेश जारी किए हैं। एडीएम जनागल ने बताया कि कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी शुरू होने से पहले ही प्रत्येक गांव और वार्ड में पेयजल स्त्रोतों और स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत जांची जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले दिनों में किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इस सर्वेक्षण के लिए सभी उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्राधिकार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से 8 और 9 मई को वार्ड, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर पर सर्वेक्षण करवाएं। इसी क्रम में नगर परिषद क्षेत्र में भी विशेष टीमें गठित कर शहरी वार्डों में पेयजल एवं चिकित्सा सुविधाओं का सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण में प्रपत्र-A (पेयजल स्त्रोत सर्वे) और प्रपत्र-B (चिकित्सा सुविधा की स्थिति) भरे जाएंगे। सभी सर्वेक्षण रिपोर्ट, फोटोग्राफ्स के साथ, 9 मई को शाम 4 बजे तक जिला कलेक्टर कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करानी होंगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, बारां के अधीक्षण अभियंता और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बारां को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये दोनों अधिकारी सभी एसडीएम से निर्धारित प्रपत्रों में वांछित सूचनाएं और फोटोग्राफ्स प्राप्त कर एडीएम कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने कहा कि ग्रीष्मकाल में आमजन, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को समय पर पेयजल और चिकित्सा सुविधा मिले, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।