स्वावलम्बन फाउंडेशन की ओर से ‘हाई सपोर्ट नीड्स’ (उच्च सहायता आवश्यकता) वाले दिव्यांगजनों के लिए स्पेशल कैंप 25 मई को स्वावलंबन प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र, जूनी कचहरी पाली में लगाया जाएगा। फाउंडेशन के फाउंडर डॉ. वैभव भंडारी ने बताया कि इस कैंप में प्रगतिशील और गंभीर दिव्यांगता से प्रभावित वे व्यक्ति, जो रोजमर्रा जीवन की सामान्य गतिविधियों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हैं। वे भी शामिल हो सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य जानकारी के अभाव और जटिल प्रक्रियाओं के कारण योजनाओं से वंचित रह गए दिव्यांगजनों तक लाभ पहुंचाना है। कैंप में प्रदेशभर से प्रगतिशील दिव्यांगता से संघर्षरत दिव्यांगजन शामिल होंगे। फाउंडेशन द्वारा बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए कैंप स्थल पर भोजन और आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था रहेगी। शिविर में गठित असेसमेंट बोर्ड पात्र दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें नेशनल फंड योजना के तहत उनकी जरूरत के अनुरूप मोबिलिटी उपकरण के लिए अनुशंसा की जाएगी। मेडिकल असेसमेंट बोर्ड गठित होगा कैंप को लेकर निदेशालय विशेष योग्यजन, राजस्थान ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिविर में मेडिकल असेसमेंट बोर्ड गठित होगा, जिसमें 7 से 9 विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इनमें फिजिकल मेडिसिन/ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन या बाल रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक और फिजियोथेरेपिस्ट सहित अन्य आवश्यक विशेषज्ञ शामिल होंगे। निर्धारित मापदंडों पर करेंगे मूल्यांकन ‘हाई सपोर्ट नीड्स’ प्रमाणन के लिए लाभार्थियों का मूल्यांकन निर्धारित मापदंडों पर किया जाएगा, जिनमें दिव्यांगता की गंभीरता, दैनिक जीवन की गतिविधियों में निर्भरता, संज्ञानात्मक क्षमता, पर्यावरणीय बाधाएं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति शामिल हैं। 100 अंकों के इस मूल्यांकन में 60 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को ‘उच्च सहायता’ श्रेणी के लिए अनुशंसित किया जाएगा। यह है नेशनल फंड योजना इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का ‘हाई सपोर्ट नीड्स’ श्रेणी में प्रमाणित होना आवश्यक है। इसके लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र/यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, उपकरण का कोटेशन और असेसमेंट बोर्ड की सिफारिश जरूरी होती है। योजना के अंतर्गत उपकरण खरीद के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान है। शिविर स्थल पर ही पात्र लाभार्थियों के लिए नेशनल फंड योजना में आवेदन भरने की कार्रवाई भी की जाएगी। वर्ष 2019 में आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम की धारा 38 के तहत ‘उच्च सहायता आवश्यकता’ के आकलन के लिए बोर्ड के गठन का प्रावधान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था। इस शिविर की प्रक्रिया को समझने के लिए अन्य राज्यों से सामाजिक संस्थाओं और केयरगिवर्स को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वे इसे समझकर अपने-अपने राज्यों में भी ऐसे शिविर आयोजित कर सकें।