खैरथल जिले के किशनगढ़बास में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) खैरथल-तिजारा के तत्वावधान में सोमवार को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास के आदेश तथा सचिव अजीत कुड़ी के निर्देश पर किया गया। शिविर में पीएलवी मनीष कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी। मनीष कुमार ने बताया कि 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम' के तहत प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को अपनी संतान या संपत्ति के उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। यदि परिवार उनकी देखभाल नहीं करता, तो वे कानून की सहायता ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, आधुनिकीकरण और एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण बुजुर्गों की उपेक्षा के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बुजुर्गों के सम्मान का दिलाया संकल्प पीएलवी मनीष कुमार ने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वे अपने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करें तथा उनकी देखभाल करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से बुजुर्गों की सेवा और सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का हमारा व्यवहार ही आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनेगा। शिविर में बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र एवं जरूरतमंद नागरिकों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है। किसी भी कानूनी सहायता या परामर्श के लिए नागरिक नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।