जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने मंगलवार को 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों, नशा मुक्ति, साइबर अपराध, बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण और लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही, 'कोर्ट वाली दीदी' पहल से भी अवगत कराया गया। शिविरों में नालसा की 'डॉन-ड्रग जागरूकता एवं कल्याण, मार्गदर्शन-ड्रग मुक्त भारत' योजना 2025 पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, प्रभावित व्यक्तियों को विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराना और उनके पुनर्वास के लिए प्रेरित करना है। विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने पर्यावरण संतुलन, वायु प्रदूषण में कमी, जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की गई। अधिकारियों ने पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज और स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी, परिवहन, डाक, टेलीफोन, अस्पताल और बीमा जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान बिना किसी कोर्ट फीस के सरल, सस्ता और त्वरित तरीके से किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त शिविर में विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून, अस्पृश्यता उन्मूलन, बाल विवाह निषेध, 'मीडियेशन फॉर द नेशन' अभियान, राष्ट्रीय लोक अदालत, नालसा हेल्पलाइन 1500 और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी दी गईं। विद्यार्थियों को 'कोर्ट वाली दीदी' पहल के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्कूलों में लगाई गई शिकायत पेटिका में बच्चे अपने साथ होने वाले गलत व्यवहार या अन्य समस्याओं की गोपनीय लिखित शिकायत डाल सकते हैं। इन शिकायतों का निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।