भास्कर संवाददाता | पाली शिक्षा विभाग में तीन साल से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 के तहत सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की डीपीसी एक साथ हो गई है। ऐसे में कुल 12 हजार 119 व्याख्याताओं की डीपीसी हो चुकी है। स्कूलों को व्याख्याताओं मिल जाएंगे, लेकिन पिछले 5 सालों में 6 हजार क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक स्कूलों में डीपीसी के बावजूद व्याख्याता नहीं लग पाएंगे। क्योंकि इन स्कूलों में तो व्याख्याताओं के पद ही स्वीकृत नहीं हैं। ऐसे में अब पद कब तक स्वीकृत होगे यह भी देखने वाली बात होगी। अभी 3 सत्रों की डीपीसी हुई है, जिसमें करीब 20 हजार रिक्त पदों पर आदिवासी बहुल जिले डूंगरपूर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर व बारां में अधिक पद रिक्त हैं, ऐस में जिसमें जो सीनियर व्याख्याता होंगे उनको गृह जिला या नजदीकी जिला मिल जाएगा। इसके बाद जो व्याख्याता रहेंगे उनको अन्य जिलों में जाना पड़ेगा। राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के प्रवक्ता बसन्त कुमार ज्याणी का कहना है कि पिछले 5 सत्र में क्रमोन्नत 6 हजार से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5 वर्ष बाद भी व्याख्याताओं के पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की गई है। पदोन्नत व्याख्याताओं को इन क्रमोन्नत स्कूलों में पदस्थापन नहीं मिल पाएगा।