उदयपुर के रहने वाले स्वर्ण शिल्पी डॉ. इकबाल सक्का ने कला का एक अनोखा नमूना पेश किया है। उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों के लिए दुनिया के सबसे छोटे गोल्डन बूट, सिल्वर बूट, ब्रॉन्ज बूट और फुटबॉल तैयार की है। 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके डॉ. सक्का इन खास कलाकृतियों को भारत के 140 करोड़ खेल प्रेमियों की तरफ से दुनिया के टॉप फुटबॉलर्स को भेंट करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में स्थित फीफा मुख्यालय और नई दिल्ली में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। राई के दाने के बराबर आर्ट बनाई डॉ. इकबाल सक्का ने इन कलाकृतियों को राई और अंजीर के दाने के बराबर बनाया है। इन्हें सिर्फ एक लेंस की मदद से ही देखा जा सकता है। जब आप इन्हें लेंस से देखेंगे तो हरी घास के फुटबॉल मैदान पर सजे हुए सोने, चांदी और कांस्य के बूट और हवा में उड़ती हुई फुटबॉल बिल्कुल साफ दिखाई देती है। यह हूबहू वैसी ही दिखती हैं, जैसे फीफा 2026 के असली ऑफिशियल बूट होते हैं। विश्व शांति का संदेश दे रहे इस खास तोहफे के जरिए डॉ. सक्का पूरी दुनिया को विश्व शांति का संदेश भी दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सोने के बूट और फुटबॉल के साथ ही सात रंगों से सजा विश्व शांति का इंद्रधनुषी झंडा, भारत का तिरंगा और सफेद रंग का फीफा ध्वज भी बेहद सूक्ष्म रूप में तैयार किया है। इन झंडों के जरिए वह खेल के मैदान से 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से दुनिया में अमन और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। डॉ. सक्का के प्रस्ताव के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट और बॉल देना चाहते हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर रहने वाले खिलाड़ी को सिल्वर बूट और बॉल, और तीसरे नंबर के खिलाड़ी को ब्रॉन्ज बूट और बॉल देना चाहते हैं। 'शांति दूत' की उपाधि से सम्मानित हो चुके डॉ. सक्का ने उम्मीद जताई कि भारतीय खेल प्रेमियों की इस भावना को फीफा मुख्यालय से जल्द ही हरी झंडी मिल जाएगी।