जोधपुर जिले की चाली पंचायत से गुजरते समय ऐसा लगता है कि मानो किसी शहर में आ गए हैं। चौड़ी सड़कें, साफ सुथरी गलियां, स्ट्रीट लाइटें, स्कूल, खेल मैदान, आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट टॉयलेट, महिलाओं के लिए अलग से पिंक टॉयलेट, सड़क पर न कचरा दिखेगा और न ही कहीं कीचड़ मिलेगा। यह सब संभव हुआ है पढ़ी लिखी महिला सरपंच गीता देवी पटेल की बदौलत। एक कार्यकाल में ही पंचायत की तस्वीर बदल दी है। पिंक टॉयलेट में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, ऑटोमैटिक हैंड ड्रायर भी आमतौर पर शहर हो या गांव। सरकारी योजनाएं इस तरह बनती है कि एक निर्माण कार्य के बाद दूसरा काम कराने पर कभी सड़क खोदते हैं तो कभी पानी की लाइन या सीवरेज। मगर यहां की सरपंच गीता देवी पटेल की दूरगामी सोच से कभी इस तरह की समस्या नहीं आई। कारण उन्होंने सरपंच बनते ही सबसे जरूरी काम गांव का मास्टर प्लान बनाया। गुजरात के गांधी नगर से इंजीनियरों व वास्तुकारों की एक टीम को बुलाया। पूरे गांव का ड्रोन से सर्वे कराने के बाद डीपीआर तैयार कराई। इसके लिए उन्होंने अपनी जेब से डेढ़ लाख रुपए खर्च किए। यह प्लान दस वर्ष के हिसाब से बनाया गया। इसमें बहुत से काम पिछले छह साल में पूरे करवा दिए। इस प्लान में सरकारी स्कूल के टीचर के लिए आवास सुविधा भी शामिल है। पंचायत को स्मार्ट बनाने पर दिल्ली में 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्पेशल गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया था। 32 वर्ष की उम्र में गांव की कमान संभालने वाली गीता के पति मोहनराम पटेल इंजीनियर हैं। उन्होंने भी पूरा साथ दिया। प्लान को दो चरणों में बांटा। घरों से निकलने वाले गंदे पानी की समस्या थी। सर्वे कराकर 3 किमी सीवरेज बिछाई। सोखता गड्ढों का जाल बिछाया। गलियों में खड़ंजे की बजाय आधुनिक रबर मोल्ड इंटरलॉकिंग सड़कें और सुरक्षित स्पीड ब्रेकर बनाए गए। इसके बाद गलियों और चौराहों पर दर्जनों सोलर लाइटें लगाई गई है। बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी के साथ प्रोजेक्टर पानी की समस्या को देखते हुए पंचायत को वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ते हुए तीन टांके बनाए। पानी की बर्बादी रोकने शॉर्ट फिल्में दिखाकर निगरानी तंत्र बनाया गया। हर घर से कचरा संग्रहण, कचरे से खाद तैयार कर रहे हैं। प्लास्टिक मुक्ति के लिए कपड़े के थैले बांटे। गलियों व चौराहों पर कचरा पात्र रखे। बालिकाओं व महिलाओं के लिए स्वच्छ और हाईटेक पिंक टॉयलेट बनाए। यहां सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भी है। रनिंग वाटर, शीशा, ऑटोमैटिक हैंड ड्रायर और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। जर्जर स्कूल को भी प्लान के अनुसार सुधारा गया। स्मार्ट क्लासरूम, एसी लाइब्रेरी, प्रोजेक्टर व सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। भविष्य में शिक्षक आवास बनने से उनको़ शहर नहीं जाना पड़ेगा।