भास्कर न्यूज|धौलपुर अगले चार दिन भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 19 से 22 अप्रैल तक हीटवेव (लू) चलने की संभावना जताई है। रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की हैं। विशेष रूप से हाइरिस्क वर्ग जैसे बुजुर्ग,छोटे बच्चे,गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार व्यक्ति को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरुरत हैं। मौसम वैज्ञानिक माधोसिंह ने बताया कि हीटवेव तब बनती है जब किसी क्षेत्र में उच्च दबाव लंबे समय तक बना रहता हैं। यह दबाव गर्म हवा को नीचे की ओर धकेलता है,जिससे हवा का तापमान लगातार बढ़ता जाता हैं। साथ ही हवा का प्रवाह कम होने और बादलों की कमी के कारण सूर्य की गर्मी सीधे धरातल को प्रभावित करती है। इसे हीट डोम प्रभाव भी कहा जाता है,जिसमें गर्म हवा एक ढक्कन की तरह क्षेत्र में फंस जाती हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने,पर्याप्त पानी पीने,हल्के व सूती कपड़े पहनने और छायादार स्थानों में रहने की सलाह दी हैं और हल्का और सुपाच्य भोजन करें। पक्षियों और पशुओं के लिए भी दाना-पानी और छांव की व्यवस्था करें। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 42 और रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक तनोज चौधरी ने बताया कि गर्मी के मौसम में की गई गहरी जुताई (समर प्लाउइंग) फसल उत्पादन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती हैं। तेज धूप और उच्च तापमान का सीधा फायदा खेत को मिलता हैं। जुताई के दौरान मिट्टी की निचली परतों में छिपे कीटों के अंडे,लार्वा और फफूंद सतह पर आ जाते हैं। जहां तेज गर्मी उन्हें नष्ट कर देती है या पक्षियों द्वारा उन्हें खा लिया जाता हैं। इससे आगामी फसल में कीट प्रकोप की संभावना कम हो जाती है। वहीं कांस, दूब और मौथा जैसे बहुवर्षीय खरपतवारों की जड़ें जब जुताई के दौरान ऊपर आती हैं,तो गर्मी की तीव्र धूप में सूखकर नष्ट हो जाती हैं। इससे अगली फसल में खरपतवार नियंत्रण स्वाभाविक रुप से बेहतर हो जाता है और रासायनिक दवाओं पर निर्भरता भी कम होती हैं। गर्मी के कारण मिट्टी में दरारें और छिद्र बनते हैं,जिससे हवा और सूर्य का प्रकाश गहराई तक पहुंचता हैं।