डूंगरपुर शहर के भोईवाड़ा स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर से गुरुवार को राजभोई समाज के 101 पदयात्रियों का एक जत्था अंबाजी माता मंदिर के लिए रवाना हुआ। यह मंदिर गुजरात में स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यात्रा के शुभारंभ से पहले सुबह नीलकंठ महादेव मंदिर में विशेष पूजा और महाआरती की गई। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और यात्रा के सफल होने की कामना की। पूजा के बाद "जय अंबे" और "बोल श्री अंबे मात की जय" के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा शहर के मुख्य रास्तों से होकर गुजरी। डीजे और ढोल-नगाड़ों पर बज रहे भक्ति गीतों पर युवक-युवतियां और महिलाएं नाचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में 151 मीटर और 152 मीटर की दो बड़ी धर्म पताकाएं शामिल थीं, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। श्रद्धालु इन ध्वजाओं को हाथों में थामे जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जिस रास्ते से शोभायात्रा गुजरी, वहां का माहौल भक्तिमय हो गया। शहरवासियों और व्यापारियों ने अपनी दुकानों व घरों के बाहर से पदयात्रियों पर फूल बरसाए। उन्होंने पदयात्रियों के लिए पानी और शीतल पेय का भी इंतजाम किया। राजभोई समाज के अध्यक्ष मयूर भोई ने बताया- इस पदयात्रा में समाज के 101 युवा और युवतियों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। पदयात्री अलग-अलग जगहों से होते हुए गुजरात के अंबाजी मंदिर पहुंचेंगे। वहां माता रानी के दरबार में पूजा-अर्चना कर यह बड़ी धर्म पताका अर्पित की जाएगी। साथ ही देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जाएगी।