सलूंबर के झल्लारा ब्लॉक के भबराना क्षेत्र में सोम नदी पर बना पुल ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए इस पुल को सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके चलते डूंगरपुर, आसपुर और धरियावद को जोड़ने वाला यह प्रमुख संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है। इससे क्षेत्र की शिक्षा, व्यापार और सामाजिक गतिविधियां ठप हो गई हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा पुल के पुनर्निर्माण के लिए ठेकेदार को टेंडर तो जारी कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है। विभाग ने पुल तो बंद कर दिया, लेकिन लोगों के निकलने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग (बाइपास) नहीं बनाया। इसके अभाव में ग्रामीणों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। पुल बंद होने का सीधा असर अब जनजीवन पर दिखने लगा है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को समय पर पहुंचना दूभर हो गया है। व्यापारियों को माल लाने-ले जाने में अलावा मालभाड़ा और समय खर्च करना पड़ रहा है। आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। भबराना, आसपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण व जनप्रतिनिधि पुल स्थल पर जमा हुए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द अस्थायी बाइपास बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानसून से पहले बाइपास का निर्माण नहीं हुआ, तो स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। इस दौरान केशव लाल मीणा, जसवंत सिंह चौहान, करण सिंह वाडाकुंडली, रामसिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष दिनेश जैन, तेज सिंह राठौड़ और रामसिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।