भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा गुरुवार को डूंगरपुर जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। उन्होंने भाजपा कार्यालय में आयोजित छात्र सम्मेलन में युवाओं से संवाद किया। इस दौरान गोरा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) पर निशाना साधा। डूंगरपुर पहुंचने पर जगह-जगह गोरा का स्वागत किया गया। तीजवड स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने तीर-कमान और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। सरकार की योजनाओं पर युवाओं से की चर्चा प्रदेश अध्यक्ष गोरा ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं को लेकर युवाओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पूरे राजस्थान में युवाओं को पार्टी से जोड़ने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए 'युवा संवाद कार्यक्रम' चलाया जा रहा है। गोरा ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान भाजपा सरकार युवाओं के रोजगार, स्टार्टअप और बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। ​कांग्रेस पर बोला हमला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में युवाओं की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। लगातार 19 पेपर लीक हुए, जिसने गरीब, किसान और आदिवासी परिवारों के बच्चों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के संरक्षण में हुआ। 'बाप' पार्टी ने क्षेत्र के युवाओं को गुमराह किया टीएसपी क्षेत्र में युवाओं के भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की ओर बढ़ते झुकाव पर उन्होंने आरोप लगाया कि 'बाप' पार्टी ने क्षेत्र के युवाओं को गुमराह किया है और सिर्फ उनका राजनीतिक उपयोग किया है। गोरा ने कहा कि सांसद राजकुमार रोत को कांग्रेस शासन में प्रताड़ित किया गया था, उनकी गाड़ी रोककर हमला हुआ और पुलिस उन्हें पकड़ कर ले गई थी। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस को समर्थन दिया, जिसे क्षेत्र का युवा अपने सपनों के साथ समझौता मानता है। टीएसपी क्षेत्र के युवाओं के लिए विशेष रणनीति भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वे आगामी दिनों में टीएसपी क्षेत्र के युवाओं को भाजपा से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके तहत लगातार 'युवा संवाद' के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रोजगार मेलों की योजना बनाई जा रही है और क्षेत्र में एक मजबूत व स्पष्ट नेतृत्व विकसित किया जाएगा ताकि युवा भ्रमित नहीं हों और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।