डूंगरपुर जिले के वरदा थाना इलाके में एक तेज रफ्तार बोलेरो ने 2 बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में आरएसी के हेड कॉन्स्टेबल समेत 3 लोगों की मौत हो गई। एक घायल युवक का डूंगरपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। वरदा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े 8 बजे यह हादसा हुआ। आंतरी के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने 2 बाइक को टक्कर मारी। इस हादसे में 13वीं आरएसी बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान (55) पुत्र कुर सिंह चौहान, चचेरे भाई महिपाल सिंह (54) समेत 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद बोलेरो ड्राइवर गाड़ी समेत फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। बाइक पर लौट रहे थे दोनों भाई धुलसिंह के बेटे दिग्विजय सिंह चौहान ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि रविवार को ड्यूटी के बाद धुलसिंह वापस घर लौट रहे थे। इस दौरान उनके साथ चचेरे भाई महिपाल सिंह (54) पुत्र जसवंत सिंह चौहान भी बाइक पर साथ सवार थे। इसी दौरान रात करीब 8.30 बजे आंतरी के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इससे दोनों बाइक समेत नीचे गिर गए और गंभीर घायल हो गए। बोलेरो को भगाकर ड्राइवर ने दूसरी बाइक को भी टक्कर मारी वही बोलेरो का ड्राइवर गाड़ी को लेकर भागने लगा। जिस पर आगे जाते ही बोलेरो ने दूसरी बाइक को फिर टक्कर मार दी। उस बाइक पर सवार दिनेश रोत (21) पुत्र हरिप्रसाद रोत निवासी तालाब फला हिराता और संदीप (29) पुत्र देवा उर्फ देवीलाल रोत निवासी बयोडा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। चारों घायलों को लोग डूंगरपुर अस्पताल लेकर आये। डॉक्टर ने जांच के बाद धुलसिंह चौहान और दिनेश रोत को मृत घोषित कर दिया। जबकि महिपाल सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। परिवार के लोग उन्हे लेकर उदयपुर अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान महिपाल सिंह की भी मौत हो गई। फरार बोलेरो ड्राइवर की तलाश जारी हादसे की सूचना के बाद वरदा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। दोनों शव को डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाया। वही उदयपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में एक शव को रखवाया। सोमवार को पोस्टमॉर्टम करवाकर तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। बोलेरो ड्राइवर के खिलाफ एक्सीडेंट का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू करते हुए जांच शुरू कर दी है। डूंगरपुर जिला कारागृह में थे तैनात धुलसिंह चौहान हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान डूंगरपुर जिला कारागृह में तैनात थे। उनके चचेरे भाई महिपाल सिंह तिजवड़ में एक फैक्ट्री में काम करते थे। रात को दोनों एक साथ गांव जा रहे थे, इसी दौरान यह हादसा हो गया। इधर हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान का उनके पैतृक गांव वरदा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शवयात्रा गांव के श्मशान घाट पर पहुंची। जहां पुलिस की ओर से अंतिम गार्ड के साथ विदाई दी गई और पुष्प अर्पित किए। डीएमएलटी का स्टूडेंट था दिनेश रोत वहीं दिनेश रोत उदयपुर से डीएमएलटी (Diploma in Medical Laboratory Technology) का कोर्स कर रहा था। बड़ी बहन सुनीता के बाद वही परिवार में बड़ा बेटा था। करीना और दीपेश समेत 4 भाई बहन थे। पिता खेतीबाड़ी का काम रहते है, जबकि मां गृहिणी है।