डूंगरपुर जिले में प्रशासन और पुलिस ने सोमवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बाल विवाह रुकवाकर नाबालिग का जीवन बचाया। चाइल्ड लाइन की सूचना पर राजस्व विभाग, धम्बोला थाना पुलिस और सृष्टि सेवा संस्थान की टीम ने नवाघरा चाड़ोली गांव में यह कार्रवाई की। बारात को बैरंग लौटा दिया गया और नाबालिग के माता-पिता को पाबंद किया गया। सीमलवाड़ा एसडीएम विवेक गुर्जर ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग की चाइल्ड लाइन को चाड़ोली पंचायत के नवाघरा गांव में एक नाबालिग बालिका के विवाह की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही हल्का पटवारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से हिमांशु जैन, सृष्टि सेवा समिति के जिला समन्वयक सुरेंद्र ढोली, धम्बोला थाना के उपनिरीक्षक सकाराम और एएसआई चेतनलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दस्तावेजों में 16 साल की निकली दुल्हन टीम जब मौके पर पहुंची, तब सागवाड़ा क्षेत्र से बारात आ चुकी थी और शादी की तैयारियां चल रही थीं। टीम ने दूल्हा और दुल्हन दोनों के दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र 23 साल पाई गई, जबकि दुल्हन की उम्र लगभग 16 साल निकली। दुल्हन के नाबालिग पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल विवाह रुकवा दिया और बारात को वापस भेज दिया। प्रशासन ने दुल्हन के माता-पिता को समझाया और उन्हें बालिका के 18 साल पूरे होने के बाद ही शादी करने के लिए पाबंद किया।