डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई से संचालित होने वाले 160 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले ग्रामीणों और विद्यार्थियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में करता था। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले में फरार चल रहे मुख्य सरगना घनश्याम कलाल, निवासी सीमलवाड़ा को उदयपुर के बलीचा क्षेत्र से पकड़ा गया। साइबर थाना डीएसपी हंसाराम चौधरी के अनुसार आरोपी दुबई से नेपाल और भूटान के रास्ते भारत लौटा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने के बाद तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग के माध्यम से उसे दबोच लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पैन कार्ड, बैंक खाता और लोन दिलाने का लालच देकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों के नाम पर 450 से अधिक बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी अपने कब्जे में लेकर, गिरोह देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इनका उपयोग करता था। पुलिस के मुताबिक इन खातों के जरिए कुल 160 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। दुबई के साथ ही कुवैत ओर जॉर्जिया से चलता था नेटवर्क पुलिस के अनुसार ठगी का नेटवर्क दुबई, जॉर्जिया और कुवैत से संचालित होता था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के सदस्य आपस में संपर्क में रहते थे। ठगी की रकम बैंक खातों में आने के बाद उसे एटीएम और चेक के माध्यम से निकालकर कमीशन के आधार पर आपस में बांट लिया जाता था। गिरोह के 5 आरोपी पहले गिरफ्तार इस मामले में इससे पहले गिरोह के पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और विदेश में बैठे संचालकों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग जानकारी किसी भी तरह से न दे।