प्रदेश के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसेडर के.के. गुप्ता ने डूंगरपुर के एक दिवसीय दौरे के दौरान नगर परिषद सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर शहर को इंदौर से भी बेहतर, स्वच्छ, हरित और सुविधायुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। बैठक में गेपसागर झील के कायाकल्प, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती, वसुंधरा विहार में सामुदायिक भवन और खेल सुविधाओं के विकास, बेटियों के लिए जूडो-कराटे प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शहरी स्वच्छता, जल संरक्षण, 'हरियालो राजस्थान' अभियान और शहर के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई। वसुंधरा विहार में सामुदायिक भवन व खेल सुविधाएं नगर परिषद ने वसुंधरा विहार में सामुदायिक भवन निर्माण के साथ एक पहाड़ी पर बगीचा विकसित करने का निर्णय लिया। युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्रिकेट बॉक्स, रेस ट्रैक और स्केटिंग पिच का निर्माण भी कराया जाएगा। फूलों से अगरबत्ती, गोबर और गौमूत्र से बनेंगे उपयोगी उत्पाद पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाने की योजना तैयार की गई है। वहीं गौशालाओं के माध्यम से गौमूत्र से औषधीय अर्क तैयार किया जाएगा तथा गोबर से लकड़ी और दीयों का निर्माण कर जैविक उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। बेटियों और महिलाओं के लिए फिर शुरू होंगी जूडो-कराटे क्लास 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को मजबूत करते हुए नगर परिषद ने शहर में पूर्व में संचालित जूडो-कराटे प्रशिक्षण केंद्रों को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। इन कक्षाओं में महिलाओं और बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे आत्मरक्षा के गुर सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। गेपसागर झील का होगा व्यापक कायाकल्प डूंगरपुर की ऐतिहासिक गेपसागर झील को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए उसमें पानी की आवक के सभी रास्ते खोले जाएंगे। खुमाण सागर से गेपसागर तक पानी पहुंचाना परिषद की प्राथमिकता होगी। झील के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए पहले की तरह चार लाख मछलियां छोड़ी जाएंगी। साथ ही झील में गंदे पानी के प्रवेश को रोकने के लिए पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट दोबारा चालू किए जाएंगे या उनकी जगह नए आधुनिक प्लांट स्थापित किए जाएंगे। सिंगल-यूज प्लास्टिक और डिस्पोजल पर सख्त कार्रवाई शहर में सिंगल-यूज प्लास्टिक और डिस्पोजल कप-ग्लास के उपयोग पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने विशेष कर्मचारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग या बिक्री करते पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और आवश्यकता पड़ने पर दुकान सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी। बिना निर्माण वाले प्लॉटों का आवंटन होगा निरस्त वसुंधरा विहार आवासीय योजना में लंबे समय से खाली पड़े और जिन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है, ऐसे प्लॉटों का आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश नगर परिषद ने दिए हैं। इससे योजना में लंबित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।