लोकसंस्कृति और ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने लोकमंथन यात्रा बुधवार को डूंगरपुर पहुंची। यहां वागड़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और कलाओं की झलक दिखी। बंजारा लोकनृत्य, जनजातीय गैर नृत्य और मावजी महाराज पर प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न संगठनों ने यात्रा का स्वागत किया। विद्या भारती ने अगवानी की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शोभायात्रा और वाहन रैली गैप सागर की पाल पहुंची, जहां संत मावजी महाराज की चरण-पादुकाओं का पूजन हुआ। डाइट में शैक्षिक गोष्ठी भी हुई। विजयराजे सिंधिया सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम और हस्तशिल्प प्रदर्शनियां लगाई गईं। विभिन्न लोककलाकारों ने बंजारा लोकनृत्य, जनजातीय गैर नृत्य और मावजी महाराज के जीवन पर प्रस्तुति दी। यात्रा संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने कहा कि लोकगीतों, भजनों की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गान के साथ हुआ, जिसके बाद यात्रा सिलोही के लिए रवाना हुई।