डूंगरपुर शहर में अवैध निर्माण और जमीन के मनमाने इस्तेमाल पर नगर परिषद सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। निजी कॉलोनियों में भूखंड बेचकर सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों की संपत्ति सीज की जा सकती है। वहीं, आवासीय भूखंडों पर बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने और कृषि भूमि पर भू-उपयोग परिवर्तन कराए बिना मकान-दुकान बनाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सभापति सुशीला गुप्ता ने सर्वे और आम सूचना के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियों पर लगेगी रोक नगर परिषद ने जिन निजी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं, वहां पट्टा जारी करने, नामांतरण, उपविभाजन और भवन निर्माण स्वीकृति जैसे कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य उन कॉलोनाइजरों की जवाबदेही तय करना है, जिन्होंने भूखंड बेचने के बाद विकास कार्य अधूरे छोड़ दिए। परिषद के अनुसार, स्वीकृत कॉलोनियों में जरूरी सुविधाएं विकसित करना संबंधित कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी है। भूखंड बेचकर विकास कार्यों से पीछे हटने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। जीवनभर की कमाई लगाकर भूखंड खरीदने वालों को राहत की उम्मीद शहर की निजी कॉलोनियों में कई लोग जीवनभर की कमाई लगाकर भूखंड खरीदते हैं, लेकिन मकान बनाने के बाद सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। इसके लिए उन्हें नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब परिषद अधूरे विकास कार्य छोड़ने वाले कॉलोनाइजरों को जवाबदेह बनाने की तैयारी में है, ताकि भूखंड खरीदारों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। आवासीय भूखंड पर कारोबार किया तो होगी कार्रवाई आवासीय भूखंडों पर जरूरी अनुमति के बिना दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह कृषि भूमि पर भू-उपयोग परिवर्तन और आवश्यक अनुमतियां लिए बिना मकान-दुकान बनाने के मामलों की जांच कर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। सर्वे और आम सूचना के बाद कार्रवाई की तैयारी सभापति सुशीला गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जमीन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। नगर परिषद सर्वे और आम सूचना की प्रक्रिया के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संपत्ति सीज करने सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।