डूंगरपुर में चुनाव ड्यूटी लगाने में प्रशासनिक संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। गंभीर हृदय रोग से पीड़ित और पेसमेकर लगे एक शिक्षक की मेडिकल दस्तावेजों के साथ आवेदन देने के बावजूद चुनाव ड्यूटी लगा दी गई। 28 अक्टूबर को चुंडावाड़ा में ड्यूटी के दौरान शिक्षक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पहले बिछीवाड़ा पीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल डूंगरपुर रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। शिक्षक ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) प्रकाश रैगर पर बीमारी की जानकारी और मेडिकल दस्तावेज देने के बावजूद ड्यूटी से राहत नहीं देने का आरोप लगाया है। हृदय का बड़ा ऑपरेशन, पेसमेकर भी लगा पीड़ित शिक्षक सोमेश्वर बिछीवाड़ा पंचायत समिति के चुंडावाड़ा क्षेत्र में शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं। मार्च 2025 में उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल में उनके हृदय का बड़ा ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद उनके शरीर में पेसमेकर लगाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें विशेष सावधानी बरतने, तले-भुने और मसालेदार भोजन से परहेज करने, अधिक शारीरिक तनाव नहीं लेने तथा हर दो घंटे काम के बाद आराम करने की सलाह दी थी। मेडिकल फाइल दिखाई, फिर भी नहीं मिली राहत शिक्षक के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए एडीएम प्रकाश रैगर से मुलाकात की थी। इस दौरान अपनी बीमारी से संबंधित मेडिकल फाइल, जांच रिपोर्ट और पेसमेकर के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे। शिक्षक का आरोप है कि एडीएम ने उनकी बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया और उनसे कहा कि जब वे इस हालत में स्कूल में पढ़ा सकते हैं तो चुनाव ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते। इसके बाद उनका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया और उन्हें कोई राहत नहीं मिली। मजबूरी में उन्हें चुंडावाड़ा में चुनाव ड्यूटी करने जाना पड़ा। ड्यूटी के दौरान घबराहट, चक्कर और आने लगा पसीना शिक्षक ने बताया कि 28 अक्टूबर को चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें पेट फूलने, घबराहट और चक्कर आने लगे। आंखों के सामने धुंधलापन छाने के साथ अत्यधिक पसीना भी आने लगा। उन्होंने अपनी परेशानी की वजह शारीरिक तनाव और खान-पान में असंतुलन को बताया। इस दौरान चना दाल और आलू का सेवन भी किया था। पुलिसकर्मियों ने संभाला, 108 से अस्पताल पहुंचाया शिक्षक की हालत बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मदद की। उन्होंने शिक्षक के जूते-मोजे उतारे और पैरों की मालिश की। इसके बाद तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिछीवाड़ा पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक इलाज और बीपी जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल डूंगरपुर रेफर कर दिया। फिलहाल शिक्षक अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।