डूंगरपुर में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जनजाति किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विशेष पहल के कारण पिछले दो वर्षों में 1168 जनजाति कृषकों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनकी खेती को नई दिशा मिली है। पहाड़ी और जनजाति बहुल डूंगरपुर जिले के किसानों को पहले बिजली की अनियमित आपूर्ति और पानी की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इससे समय पर सिंचाई न होने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ता था। अब सौर ऊर्जा पंप लगने से किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई की सुविधा मिल रही है, जिससे रबी, खरीफ और जायद तीनों फसलों का उत्पादन बढ़ा है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 239 और 2025-26 में 980 किसानों के यहां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इनमें अधिकांश लाभार्थी अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं। राज्य सरकार ने इन किसानों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त अनुदान के साथ शेष राशि भी वहन की है। किसानों का कहना है कि सोलर पंप लगने के बाद उन्हें न तो बिजली का इंतजार करना पड़ता है और न ही बिजली बिल की चिंता रहती है। समय पर सिंचाई से पैदावार में वृद्धि हुई है और उनकी आय में भी सुधार हुआ है। इस सरकारी पहल से खेती आसान होने के साथ-साथ जनजाति किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।