भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा सरकार मनरेगा में श्रमिकों का 100% ई-केवाईसी कराने के निर्देश दे रही है, लेकिन बांसवाड़ा जिले में भाजपा विधायक कैलाश मीणा के विधानसभा क्षेत्र गढ़ी का प्रदर्शन सबसे कमजोर निकला है। जिले के सभी ब्लॉकों में गढ़ी आखिरी पायदान पर है और यहां ई-केवायसी सिर्फ 78.24% तक ही पहुंच पाया है। गढ़ी उपखंड में कुल 75120 श्रमिकों में से 16773 श्रमिकों का ई-केवायसी नहीं हो पाया है। इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इन श्रमिकों को आगे मनरेगा के तहत रोजगार (नियोजन) पर संकट खड़ा हो जाएगा। पूरे जिले की बात करे तो 96 हजार से भी ज्यादा श्रमिकों की अभी केवाईसी अपडेशन का काम अधूरा है। सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल ई-केवाईसी में यह पिछड़ापन स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है। जिला परिषद की ताजा रिपोर्ट में ई-केवाईसी रिपोर्ट में गढ़ी उपखंड जिले का सबसे पिछड़ा ब्लॉक बनकर सामने आया है। यहां 75,120 श्रमिकों में से 58,747 का ई-केवायसी हो पाया है। यह आंकड़ा जिले के औसत 85.70% से करीब 7% कम है। जबकि अन्य ब्लॉकों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आनंदपुरी 91.19% के साथ टॉप पर है, वहीं घाटोल (89.32%) और तलवाड़ा (88.27%) भी आगे हैं। वीडीओ से लेकर मेट तक सहयोग लेने के निर्देश... अब जिला परिषद ने सभी ब्लॉकों के कार्यक्रम अधिकारी ईजीएस को 4 मई तक 100% ई-केवाईसी पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसे मिशन मोड पर लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, ग्राम रोजगार सहायक, मेट से भी ई-केवाईसी करवाने में सहयोग लेने के निर्देश दिए है। साथ ही चेतावनी दी है कि जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी नहीं होगा, उनका मनरेगा में नियोजन नहीं हो सकेगा। रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए हैं। आनंदपुरी 91.19% घाटोल 88.27% बांसवाड़ा- 87.76% अरथूना 84.60% (जिला परिषद से प्राप्त 28 अप्रैल तक की रिपोर्ट अनुसार) ^जिले में 85 फीसदी तक ई-केवायसी का काम कर लिया है लेकिन बाकि श्रमिकों के ई-केवायसी अपडेशन को अब मिशन मोड पर लिया है। 4 मई तक अपडेशन का लक्ष्य तय किया था अभी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं। निश्चित रूप से जल्द ही सौ फीसदी लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। -गोपाललाल स्वर्णकार, सीईओ, जिला परिषद कुल श्रमिक 6,76,335 ई-केवाईसी पूरा 5,79,549 औसत 85.70%