आमजन को डिजिटल सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई ई-मित्र प्लस कियोस्क योजना मुंडियर पंचायत में दम तोड़ती दिख रही है। लाखों रुपए की लागत से उपखंड मुख्यालय सहित अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में लगाई गईं मशीनें उपयोग के बजाय उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। इन कियोस्क मशीनों से बिजली-पानी के बिल जमा होने थे। अलग-अलग प्रमाण पत्र निकलने थे। कई सरकारी सेवाएं खुद लेने की सुविधा थी। पंचायत क्षेत्र के कई कार्यालयों में मशीनें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सरकार की मंशा सुविधाएं घर-घर तक पहुंचाने की थी। रखरखाव नहीं हुआ। निगरानी नहीं हुई। योजना कागजों तक सिमट गई। कई जगह कियोस्क मशीनें कबाड़ समझकर किनारे रख दी गईं। आमजन को कोई लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मशीनें जल्द चालू कराने की मांग की है। नियमित मॉनिटरिंग की मांग भी की है।