ग्रेड फॉर्थ कर्मचारी भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में एक महिला कैंडिडेट की ओर से खुद को विधवा-परित्यक्ता कोटे में नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी देने का आरोप लगा है। मामले में अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ग्रामीणों ने उसको शादीशुदा बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि महिला कैंडिडेट्स ने कभी विधवा तो कभी अवविवाहित बताया। विधवा पेंशन भी उठाई लेकिन शिकायत पर जांच के बाद ये पेंशन बंद कर दी गई। असल में महिला शादीशुदा है। शिक्षा विभाग ने मामला कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजने का निर्णय किया है। तोपदड़ा स्कूल पहुंचे ग्रामीण, दी शिकायत टोंक जिले की महिला ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ग्रेड फॉर्थ भर्ती में विधवा कोटे से आवेदन किया था। महिला अभ्यर्थी शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तोपदड़ा विद्यालय में 19 नंबर दल के सामने डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन करा कर चली गई। उसके जाने के बाद उसके ही गांव के ग्रामीण तोपदड़ा स्कूल पहुंचे और 28 पेज का एक डिटेल ब्यौरा शिक्षा अधिकारियों को सौंपकर जानकारी दी कि महिला अभ्यर्थी विधवा नहीं बल्कि विवाहित है। ग्रामीणों ने दावा किया कि 2021 में वीडीओ भर्ती आवेदन के दौरान इस महिला अभ्यर्थी ने खुद को विधवा दिखाया, जबकि 14 फरवरी 2022 को भीलवाड़ा जिले में दोबारा शादी कर ली। इसके बावजूद बाद में किए गए आवेदनों में स्थिति अलग-अलग दिखाई गई। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि 7 मार्च 2022 को जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में पीटीईटी आवेदन करते समय अभ्यर्थी ने खुद को अविवाहित बताया और विधवा श्रेणी से इनकार किया। वहीं, 30 अक्टूबर 2022 को कर्मचारी चयन बोर्ड की सीईटी (स्नातक स्तर) परीक्षा के आवेदन में फिर से खुद को विधवा बताया। ग्रामीणों ने शिक्षा अधिकारियों को महिला अभ्यर्थी के विवाहित होने के सबूत के तौर पर उसकी दूसरी शादी के फोटो भी दिखाए। लेकिन शिक्षा अधिकारियों ने सवाल उठाया कि बिना प्रमाण के कैसे माना जा सकता है कि यह उसकी दूसरी शादी के फोटो हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि महिला अभ्यर्थी ने विधवा पेंशन तक उठा ली, लेकिन शिकायत के बाद सच सामने आने पर पेंशन बंद कर दी गई। ग्रामीण बोले-लंबे समय से रख रहे थे निगरानी ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से महिला अभ्यर्थी पर नजर रख रहे हैं। ग्रेड फॉर्थ भर्ती के लिए पूर्व में इस महिला अभ्यर्थी का डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन होना था, लेकिन किसी भर्ती परीक्षा के चलते रद्द कर दिया गया था। जब शुक्रवार को उसके डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन का पता लगा, तो वे शिक्षा अधिकारियों से शिकायत करने पहुंचे। परिवेदना समिति (ग्रीवेंस कमेटी) में रखेंगे मामलाः जेडी संयुक्त निदेशक डॉ. महावीर शर्मा ने बताया कि महिला अभ्यर्थी के प्रकरण में शिकायत मिली है। कुछ डॉक्यूमेंट भी शिकायत के साथ दिए गए हैं। इस मामले को परिवेदना समिति (ग्रीवेंस कमेटी) में रखेंगे। इस समिति में सीडीईओ सहित अन्य अधिकारी हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर फिर इसे कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजा जाएगा।